मन्त्र - जप का उद्देश्य अपनी चेतना के प्रवाह को निम्न स्तर से उच्च स्तर की ओर ले जाना है l वाचिक अथवा मानसिक जाप व्यक्ति को दूरानुभूति के स्तर पर ले जाता है l मन्त्र आत्म - साक्षात्कार का एक सर्व - सुलभ
उनके लिये फिर एक अवसर उपस्थित हुआ है I ओशो ने अपने प्रवचनों के माध्यम से अध्यात्म का एक पूरा विज्ञानं दिया है
एक अक्षर वाले महामृत्युंजय मंत्र से लेकर एक हज़ार अक्षर वाले अमोघ मृत्यु विदारक मन्त्रों का सम्पूर्ण व् उनकी साधना का प्रकार आपको अन्य कही एक स्थान पर देखने को भी नहीं मिलेगा i सब कुछ इतनी सरल शैली में क़ि आप स्वयं आसानी से कर सकेंगे तथा प्रामणिकता ऐसी क़ि मानो किसी विद्वान पंडित से ही कराया गया ही i
इसलिए सरल हिन्दी भाषा में समस्त श्लोको का अनुवाद उदाहरण सहित लिखा गया है l पुस्तक को अधिक उपयोगी बनाने हेतु परिशिष्ट में पिंडानायन की उपात्तिया भी दी गई है I
it is hoped that the notion that " learning astrology " consists of the immediate acquisition of a frag-mentary idea of chart construction and an unrelated series of delineations of factors will be completely eradicated from the minds of modern students
Saral Jyotish (Part 3) [Hindi] Swami Nigmanand Saraswati मन्त्र - जप का उद्देश्यSaral Jyotish (Part 2) [Hindi] By VP Goel Publisher Performonks Education ( 3) [] .. :" ( 3)" .. 1 2 , , , : ? : Performonks Education !